
100 मंदिरों और आश्रमो में लगाएंगे सिंदूर के पौधे,100 दिन तक चलेगा अभियान,100 मंदिर मठों को करेंगे पर्यावरण युक्त
चित्तौड़गढ़, राजस्थान। राष्ट्रीय संयोजक संघ की पर्यावरण गतिविधि द्वारा संघ के स्थापना दिवस के उपलक्ष में विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। गतिविधि की धार्मिक विभाग द्वारा नगर एवं उसके आसपास के क्षेत्र के सो मंदिरों में 100 दिन तक संपर्क अभियान चलाकर सिंदूर का पौधा रोपण किया जाएगा। यह जानकारी देते हैं नगर संयोजक गोपाल कृष्ण दाधीच एवं नगर धार्मिक प्रमुख गोविंद सोनी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत बूंदी रोड स्थित रामद्वारा मैं सिंदूर का पौधा रामस्नेही संप्रदाय के संत रमताराम जी महाराज ओर दिग्विजय राम जी महाराज के सानिध्य में लगाया गया।
संत दिग्विजय राम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संघ के स्वयंसेवक जहां जाएंगे वहां अच्छे काम करेंगे इसी भाव के कारण आज संघ 100 वर्ष का हो गया है। एक विशाल परिवार बन चुका है। संघ अनुशासन समाज के लिए अनुकरणीय है प्रत्येक संगठन संघ के 100 वर्ष अपने-अपने हिसाब से मना रहा है परंतु पर्यावरण गतिविधि का तरीका अनोखा है। स्वच्छता, सुरक्षा, पौधा रोपण, जल संरक्षण जैसे कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण गतिविधि समाज में एक अच्छा संदेश दे रहे हैं।
प्रांत संयोजक धर्मपाल गोयल नेइस अवसर पर सिंदूर के पौधे के बारे में बताया कि प्राचीन काल में सिंदूर केमिकल से नहीं बनाकर इसी प्रकार पौधों से प्राप्त किया जाता था, परंतु यह पौधा अपने आसपास के क्षेत्र से विलुप्त हो गया है। केमिकल का प्रयोग कम से कम करने तथा औषधीय उपयोग के लिए सिंदूर के पौधे आश्रमों में लगाए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में धर्म पाल गोयल,गोपाल कृष्ण दाधीच, गोविंद सोनी, बसन्त गोयल,सुनील नेभनानी, शिव जी डाड,सत्यनारायण समदानी,राधा देवी अग्रवाल,भगवती देवी,नीतू गगरानी, आदि उपस्थित रहे।




