
चित्तौड़गढ़ में अब 367 पंचायतें, सरकार का एक साथ नई पंचायतों का ऐलान, बदलेगी ग्रामीण राजनीति
राजस्थान में पंचायतों के नक्शों में बदलाव के साथ पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। राजस्थान के 41 जिलों में 3,400 नई पंचायतें जुड़ीं, वही अब ग्राम पंचायतों की संख्या लगभग 14,000 हो गई। इसके बाद नए सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच के पद बढ़ोतरी हो जाएगी। सरकार द्वारा आपत्तियों और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह फैसला लिया गया है।

चित्तौड़गढ़ राजस्थान। चित्तौड़गढ़ में 13 नई ग्राम पंचायतें चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में बनाई गई हैं। गंगरार में 11, भदेसर और निंबाहेड़ा में 8–8 नई पंचायतें बनी हैं। इसके अलावा बेगूं में 7, भैंसरोडगढ़ और कपासन में 6–6, डूंगला में 3 और राशमी, बड़ीसादड़ी तथा भूपालसागर में 2–2 नई पंचायतों का गठन किया गया है।
जिले में बढ़ी पंचायतें अब होंगे 367 सरपंच
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नई पंचायतों के गठन से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है। यह फैसला राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 98 के तहत लिया गया है। सरकार के इस आदेश के बाद जिले में पंचायतों की संरचना काफी बदल गई है। चित्तौड़गढ़ जिले के 179 ग्राम पंचायतें में से कई को तोड़कर 68 नई पंचायतें बनाई गई हैं। अब जिले में कुल पुनर्गठित पंचायतों की संख्या बढ़कर 247 हो गई है। चित्तौड़गढ़ जिले में पहले 299 ग्राम पंचायतें थी, जिसमें 68 जुड़ने के बाद अब 367 ग्राम पंचायतें हो गई है।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
नई पंचायतों के गठन से प्रशासन को चलाने के लिए नए पदों पर भी नियुक्ति की आवश्यकता होगी। ग्राम सचिव, पंचायत सहायक और पटवारी जैसे पदों की संख्या में सीधे तौर पर वृद्धि होगी। जितनी नई पंचायतें बनी हैं, उतने ही नए पदों पर नियुक्ति की जरूरत होगी, जिससे राज्य के शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की प्रबल संभावना है।
एक नजर… चित्तौड़गढ़ जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन की स्थिति…देखे लिस्ट…





