
भाजपा नेता और व्यवसायी रमेश ईनाणी की हत्या, क्या है माजरा..??

चित्तौड़गढ़ में भाजपा नेता की गोलीमारकर हत्या, क्या है राज..? गाली और गोली या माजरा कुछ और..??। मामले में परिजनों का संत रमताराम पर आरोप, रामद्वारा जमीन विवाद का किया जिक्र। पुलिस जांच में जुटी।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में बीते दिनों भाजपा नेताओं को व्यवसायी रमेश ईनाणी की हत्या के बाद, पुलिस ने सजकता से हत्यारे उत्तर प्रदेश निवासी मनीष दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मनीष दुबे चित्तौड़गढ़ में काफी समय से रह रहा था। व्यापार संघ ने चित्तौड़गढ़ बंद का आव्हान किया था। रमेश ईनाणी का शव जैसे ही चित्तौड़गढ़ लाया गया परिजन और शहरवासीयो ने शव को कलेक्ट्रेट परिसर में रखकर प्रदर्शन करना चाहा लेकिन पुलिस जाप्ते ने शव को सड़क पर नहीं उतारने दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोक जोंक भी दिखाई दी।
कलेक्ट्रेट पर शव के साथ प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने 3 जनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। कोतवाली एसआई पारस कुमार की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को शव को एंबुलेंस सहित कलेक्ट्रेट में रखकर अनुचित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर राजकार्य में बाधा पहुंचाई। कोतवाली थाने में सुनील कलंत्री, दिनेश काबरा व भरत चाष्टा के खिलाफ नामजद मामला दर्ज हुआ। गुरुवार शाम दिवंगत ईनाणी के तीये की बैठक शोकसभा में विधायक चंद्रभानसिंह आक्या व पूर्व विधायक सुरेंद्रसिंह जाड़ावत सहित बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के बीच संचालक ने इसका जिक्र करते हुए आक्रोश जताया।
वही परिजनों का आरोप है कि रमेश ईनाणी की हत्या के पीछे रामस्नेही संप्रदाय के संत रमताराम का हाथ है। इसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान भी परिजन यह कहते हुए साफ दिखे कि उस बाबा को गिरफ्तार करो। परिजनों ने अपने बयानों में रामद्वारा जमीन विवाद का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि पैतृक जमीन होने से संयुक्त परिवार की ओर से इसकी कानूनी लड़ाई रमेश ईनाणी ही लड़ रहे थे। इसे लेकर पूर्व में धमकियां भी मिलीं थीं। हाल ही में राजस्व मंडल अजमेर से हमारे पक्ष में फैसला हुआ है।



