कैसे बनेगा आमजन का पुलिस में विश्वास?? पुलिस की यह हरकत जो आप देख रहे है…क्या यही है पुलिस का असली रूप..??, जो कहने को आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर है। इस वीडियो में तो कुछ उल्टा ही नजर आ रहा है। इस वीडियो में तो ऐसा लग रहा है जैसे कुछ पुलिसकर्मी अपराधियों की भांति किसी व्यक्ति का अपहरण करके ले जा रहे हो, और एक महिला बार बार चीखती चिल्लाती हाथ जोड़कर अनुनय विनय कर रही है। शिवास्त्र न्यूज इस वायरल वीडियो की पुष्टि तो नहीं करता, लेकिन कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस घटना को पोस्ट करते हुए कमेंट किया है।

#Rajasthan Police Viral video राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यह घटना न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।जानकारी के अनुसार बतादे कि मंगलवाड़ चौराहे की पुलिया के नीचे कुछ पुलिसकर्मी आमजन के चालान बना रहे थे।
पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि चालान न करने के बदले वह अवैध तौर पर वसूली कर रहे थे। जब एक जागरूक नागरिक ने इस अवैध वसूली का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे जबरन पुलिस वाहन में डालकर ले जाया गया। इस दौरान जब एक महिला ने इस अन्याय का विरोध किया, तो सरेआम उसके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जो अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। उस महिला का एक हाथ पुलिस जीप की फाटक में फंसा हुआ था, बावजूद इसके पुलिसकर्मी ने महिला की जान की परवाह किए बैगर गाड़ी दौड़ा दी। जिसके चलते महिला बीच सड़क पर पलटी मार गई। गनीमत रही कि महिला पुलिस जीप के टायर के नीचे नहीं आई वरना उसकी जान तक जा सकती थी।

घटना का वायरल होता वीडियो देखकर कांग्रेस के भूतपूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने और पूर्व डेयरी चेयरमैन बद्री लाल जाट ने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंगलवाड़ क्षेत्र सहकारिता मंत्री गौतम दक का गृह क्षेत्र है। ऐसे क्षेत्र में पुलिस द्वारा इस प्रकार की मनमानी और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली घटनाएँ सरकार और प्रशासन की छवि को गंभीर रूप से धूमिल करती हैं। मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, पुलिस महानिदेशक महोदय तथा जिला पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ से निवेदन करता हूँ कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जाए तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आमजन का पुलिस प्रशासन से विश्वास बना रहे।




