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हिंदुस्तान जिंक की जहरीली गैस से त्रस्त किसान, मवेशी मरने पर गेट पर प्रदर्शन, न्याय नहीं तो आत्मदाह की चेतावनी

हिंदुस्तान जिंक की जहरीली गैस से त्रस्त किसान, मवेशी मरने पर गेट पर प्रदर्शन, न्याय नहीं तो आत्मदाह की चेतावनी, पुलिस ने दिया आश्वासन हंगामें के साथ मुआवजे की मांग पर हाई वोल्टेज ड्रामा

चित्तौड़गढ़, राजस्थान। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चंदेरिया प्लांट के मुख्य द्वार पर गुरुवार दोपहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब अजोलिया का खेड़ा गांव के ग्रामीण एक ट्रैक्टर में मरी हुई भैंस का बछड़ा लेकर पहुंचे और जिंक प्रबंधन से मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।

सूचना मिलने पर गंगरार थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद दाधीच मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया। इस दौरान ट्रैक्टर चालक एवं अजोलिया का खेड़ा निवासी तथा गंगरार–पारसोली कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष परमेश्वर जाट मुआवजे की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान जिंक से निकलने वाली जहरीली गैसों और प्रदूषण के कारण पिछले दस वर्षों में क्षेत्र में एक हजार से अधिक गायों और भैंसों की मौत हो चुकी है। उन्होंने मुआवजे के साथ क्षेत्र में पशु चिकित्सालय खोलने और स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की भी मांग रखी।

पुलिस निरीक्षक दाधीच ने ग्रामीणों की मांगों से जिंक प्रबंधन को अवगत कराया, लेकिन प्रबंधन ने मुआवजा देने से साफ इनकार कर दिया। पशु चिकित्सालय की मांग पर एक सप्ताह बाद विचार करने की बात कही गई। इस पर परमेश्वर जाट ने मौके पर ही मृत भैंस के बछड़े का पोस्टमार्टम करवाने और मुआवजा देने की मांग पर अड़ते हुए विरोध तेज कर दिया।

स्थिति तब और बिगड़ गई, जब परमेश्वर जाट पेट्रोल से भरी बोतल लेकर ट्रैक्टर पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। माहौल गर्माता देख पुलिस निरीक्षक दुर्गा प्रसाद दाधीच सहित पुलिसकर्मियों ने तत्काल ट्रैक्टर पर चढ़कर पेट्रोल की बोतल छीन ली और काफी समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।

हालात सामान्य होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने जिला पशु चिकित्सालय के उप निदेशक डॉ. सुमेर सिंह रावत से फोन पर संपर्क कर मौके पर पशु चिकित्सकों की टीम बुलवाई। मौके पर पहुंची पशु चिकित्सक एवं सहयोगी टीम द्वारा मृत भैंस के बछड़े का पोस्टमार्टम करवाकर वीसरा एकत्रित किया गया, जिसे जांच के लिए उदयपुर भेजा गया है।

पुलिस निरीक्षक दुर्गा प्रसाद दाधीच ने बताया कि ग्रामीणों की मांगों को लेकर एक सप्ताह बाद पुनः हिंदुस्तान जिंक प्रबंधन से बातचीत की जाएगी। मौके पर गंगरार प्रधान पुत्र रविंद्र सिंह राणावत, श्यामलाल मेनारिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

Reporter_Anil Sukhwal

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