राजस्थान

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता कार्यक्रम

ए.एस.आई. सूरज कुमार रहे मुख्य अतिथि

श्री गणेश विद्या मंदिर में बसंत पंचमी महोत्सव: साइबर सुरक्षा और अनुशासन पर जोर बसंत पंचमी के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती (पराक्रम दिवस) का उल्लेख इस कार्यक्रम को और भी गौरवशाली बना देता है।

निम्बाहेड़ा, राजस्थान। स्थानीय शिक्षण संस्थान श्री गणेश विद्या मंदिर में बसंत पंचमी का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सी.बी.ई.ओ. (C.B.E.O.)  अरविन्द मुन्दड़ा और ए.एस.आई. (A.S.I.) सूरज कुमार द्वारा की गई।

प्रकृति और संस्कृति का संगम

मुख्य अतिथि ए.एस.आई. सूरज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत पंचमी एक अनूठा पर्व है, जहाँ प्रकृति और संस्कृति एक साथ मुस्कुराते हैं। यह ऋतुराज बसंत के आगमन का प्रतीक है।

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता

समारोह के दौरान श्री सूरज कुमार ने वर्तमान समय में बढ़ती चुनौतियों, विशेषकर साइबर अपराध (Cyber Crime) और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के खतरों के प्रति छात्र-छात्राओं को सचेत किया। उन्होंने डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए:

मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना।

अनजान लिंक या अटैचमेंट को न खोलना।

नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट करना ताकि डेटा और डिवाइस सुरक्षित रहें।

मोबाइल का संतुलित व सार्थक उपयोग करना।

उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे माता-पिता और गुरुजनों का मान बढ़े और समाज व देश का भला हो।

सफलता के लिए अनुशासन अनिवार्य

सी.बी.ई.ओ. अरविन्द जी मुन्दड़ा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने आगामी 10वीं बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को बेहतर अंक प्राप्त करने के टिप्स दिए और प्रश्न-पत्र हल करने की बारीकियों से अवगत कराया।

देशभक्ति का जज्बा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती (पराक्रम दिवस)

बसंत पंचमी के पावन उत्सव के साथ-साथ विद्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी बड़े गर्व के साथ मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।

प्रेरणादायक संबोधन:

अतिथियों ने विद्यार्थियों को नेताजी के प्रसिद्ध नारे “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” की याद दिलाते हुए बताया कि आज के संदर्भ में विद्यार्थियों को अपना “समय और परिश्रम” देश की प्रगति के लिए समर्पित करना चाहिए।

अदम्य साहस की सीख:

ASI श्री सूरज कुमार ने कहा कि जिस तरह नेताजी ने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी, उसी तरह विद्यार्थियों को साइबर चुनौतियों और जीवन की बाधाओं का सामना पूरी निडरता से करना चाहिए।

राष्ट्र प्रथम की भावना: CBEO अरविन्द जी मुन्दड़ा ने युवाओं को नेताजी के आदर्शों पर चलने और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ के प्रकाश चेलावत, बी.एम. राठी, राधेश्याम धाकड़, भगवती प्रसाद शर्मा, रवि ओझा, गोविन्द राठी, आसीम खान और मांगीलाल धाकड़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार धाकड़ ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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