
हिंदुस्तान जिंक के प्रदूषण से परेशान ग्रामवासी, खाद प्लांट का खुलेआम विरोध, जनसुनवाई और खाद प्लांट निरस्त करने की मांग, विशेष ग्राम सभा में लिया निर्णय
चित्तौड़गढ़, राजस्थान। प्रदूषण का दंश झेल रही पुठोली ग्राम पंचायत की जनता अब हिंदुस्तान जिंक में खाद प्लांट नहीं लगने देंगी। उन्होंने प्रस्तावित खाद प्लांट और आगामी जनसुनवाई का विरोध किया है।

चित्तौड़गढ़ जिले का पु ठो ली, मूंगा का खेड़ा, आजोलिया का खेड़ा, नगरी, बिलिया एवं आस पास के कई गांव प्रदूषण की चपेट के कारण पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुके है। यहाँ प्रदूषण का कुप्रभाव ऐसा पड़ा है कि जमीनें बंजर हो गई, पशुधन समाप्त होने लगा, कइयों को बीमारीया हो गई तो कई की जान चली गई। पीने का पानी और हवा दूषित हो गई। ऐसे में प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग लगातार उठती रही है। इस क्षेत्र में रहने वाले हजारों की संख्या में ग्रामीण लोग प्रदूषण से पूरी तरह से निजात चाहते हैं।

यही कारण है कि आए दिन धरना-प्रदर्शन होता रहता है। यहां की जनता अब इस क्षेत्र में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के प्रस्तावित खाद प्लांट को नहीं लगने देना चाहते है। आगामी दिनों में हिंदुस्तान जिंक के खाद प्लांट की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए 10 मार्च को जनसुनवाई होने वाली है, जिसके लिए ग्रामीण पूरी तरह आक्रोश में है और जनसुनवाई निरस्त करने की मांग कर रहे है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई के पूर्व पु ठो ली स्थित लाल बाई फूल बाई मंदिर परिसर में हिंदुस्तान जिंक के खाद प्लांट के विरोध में एक बैठक का आयोजन किया जहां ग्राम पंचायत प्रशासक सहित सैंकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। जहां सर्वसम्मति से विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। यहां ग्रामसभा में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित खाद प्लांट के पर्यावरणीय स्वीकृति की होने वाली जनसुनवाई और प्रस्तावित खाद प्लांट को निरस्त करने की मांग की गई, जिसका ग्राम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय पारित किया गया।

ग्रामीणों का कहना हैं कि जान है तो जहान है। पु ठो ली स्थित हिंदुस्तान जिंक के बढ़ते प्रदूषण के कारण फिर से ग्रामीणों ने हिंदुस्तान जिंक स्थित प्लांट में खाद के प्रस्तावित प्लांट परियोजना का खुलकर विरोध दर्ज करवा दिया। यहां इस परियोजना के कियान्वयन के लिए फिर से जनसुनवाई होने वाली है। पु ठो ली ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित विशेष ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने बारी बारी से खुलकर अपने गुस्से का इजहार किया है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय कार्यालय राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल चित्तौड़गढ़ अधिकारी को विशेष ग्राम सभा में लिया गए निर्णय सहित ज्ञापन प्रस्तुत किया गया कि हिंदुस्तान जिंक में खाद प्लांट की EC पर्यावरण स्वीकृति ना दी जाए, 10 मार्च को होने वाली जनसुनवाई को निरस्त किया जाए। प्रस्तावित खाद प्लांट नहीं चाहिए इसे निरस्त किया जाए। अब आने वाला वक्त बताएगा कि सरकार और मंत्रालय इस पर अपना क्या रुख अपनाता है।





