राजस्थान

राजस्थान में स्पा-मसाज और थेरेपी केंद्रों के लिए नई गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी महिलाएं नहीं दे पाएंगी पुरुषों को मसाज सेवा

राजस्थान में स्पा-मसाज और थेरेपी केंद्रों के लिए नई गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी महिलाएं नहीं दे पाएंगी पुरुषों को मसाज सेवा

जयपुर, राजस्थान। राजस्थान सरकार ने राज्य में संचालित होने वाले स्पा, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों के लिए एक व्यापक और सख्त मॉडल गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी किया है। गृह (ग्रुप-10) विभाग द्वारा 24 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, इन प्रस्तावित दिशानिर्देशों को राजस्थान राजपत्र के विशेषांक में प्रकाशित किया गया है। सरकार ने इन गाइडलाइंस पर आमजन और संबंधित हितधारकों से 15 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं।

सरकार का कहना है कि यह कदम माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। इन गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य राज्य में वेलनेस और ब्यूटी सेक्टर से जुड़े प्रतिष्ठानों का संचालन कानूनी, सुरक्षित, पारदर्शी और गरिमामय ढंग से सुनिश्चित करना है। साथ ही, इनके दुरुपयोग की आड़ में होने वाली अवैध गतिविधियों जैसे वेश्यावृत्ति, मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण पर प्रभावी अंकुश लगाना भी इसका अहम लक्ष्य है।

मसाज के दौरान एक्स्ट्रा सर्विस यौन गतिविधि पूरी तरह से रहेगी प्रतिबंधित

ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार, अब सभी स्पा, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस जारी करने से पहले सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। केंद्रों में किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि (एक्स्ट्रा सर्विस) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही क्रॉस-जेंडर सेवाओं पर रोक लगाई गई है, यानी पुरुष थैरेपिस्ट केवल पुरुष ग्राहकों को और महिला थैरेपिस्ट केवल महिला ग्राहकों को ही अपनी सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!