यशराज लखारा की मौत का मामला, भीलवाड़ा पुलिस की लापरवाही, शव को बताया अज्ञात
जेब में मिले थे आधार कार्ड और पेन कार्ड

यशराज लखारा की मौत का मामला, भीलवाड़ा पुलिस की लापरवाही…जेब में आधार कार्ड और पेन कार्ड होने के बावजूद, शव को 2 दिन तक क्यों बताया अज्ञात?, आखिरकार पुलिस किसको बचाना चाह रही…?
भीलवाड़ा राजस्थान के प्रतापनगर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। जोधरास फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आकर युवक की मौत के मामले में पुलिस दो दिन तक शव को अज्ञात बताती रही, जबकि मृतक की जेब में आधार कार्ड और पैन कार्ड मौजूद थे, जिसे पुलिस ने देखे भी इसके बावजूद शव को अज्ञात बताना पुलिस को सवालों के घेरे में खड़े करता है कि ऐसे कारण रहे जिसकी वजह से पुलिस के पास मृतक के आई डी प्रूफ होने के बावजूद उसे अज्ञात मानती रही? पुलिस की इस बड़ी लापरवाही को लेकर मृतक के परिजन व समाज के लोगों ने महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र होकर धरना देकर प्रदर्शन किया। समाजजन कलेक्टर जसमीत सिंह संधू से मिले और पुलिस के असंवेदनशील रवैये अपना पर अपना विरोध दर्ज कराया। परिजनों ने मृतक का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। हंगामे के बीच शाम 5 बजे तक तहसीलदार दिनेश साहू व प्रतापनगर थानाधिकारी सुरजीत सिंह की समझाईश पर परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
सुभाषनगर थाने के सिपाही और दोस्तों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट, लगाया हत्या का आरोप
भीलवाड़ा के आरसी व्यास कॉलोनी निवासी अभिषेक लखारा ने प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें मृतक के दोस्तों व सुभाषनगर थाने के सिपाही के खिलाफ नामजद रिपोर्ट देकर हत्या का आरोप लगाया। रिपोर्ट में बताया कि छोटा भाई बाबू उर्फ यशराज लखारा लाइट फिटिंग का कार्य करता था। 31 अगस्त की रात 11 बजे तक वह घर नहीं लौटा। जब उसे कॉल किया गया तो उसने आधे घंटे में घर पहुंचने की बात कही थी। लेकिन रात एक बजे तक मृतक यश का कोई भी कॉल नहीं आया। दोबारा कॉल करने पर मोबाइल स्विच ऑफ मिला। परिजनों को लगा कि वह दोस्त के यहां रुक गया होगा, इसलिए रात में ज्यादा चिंता नहीं की। दिनांक 1 सितंबर को भी मृतक यश का फोन बंद मिलने पर परिजनों ने दोस्तों से जानकारी ली, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मृतक की जेब में आधार व पेन कार्ड होने के बावजूद शव को दो दिन तक अज्ञात मानने को लेकर परिजनों ने रोष प्रकट किया है। इस संबंध में पुलिस जांच कराने के लिए कहा है।….दिनेश साहू तहसीलदार



