
हिंदुस्तान जिंक का अपशिष्ट जहर पहुंचा बड़ीसादड़ी, आमजन में आक्रोश
संघर्ष समिति का धरना छठे दिन भी जारी, मंत्री बोले- सातवें दिन जनता जो कहेगी वही करूंगा, बंद वापस लिया पर आंदोलन जारी
बड़ीसादड़ी (चित्तौड़गढ़) राजस्थान। जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति के आह्वान पर हिंदुस्तान जिंक के जहरीले अपशिष्ट के खिलाफ आज दोपहर तक बड़ीसादड़ी कस्बा पूरी तरह बंद रहा। बाजार, स्कूल, प्रतिष्ठान सब बंद रहे। आमजन सड़कों पर उतरा।

छठे दिन भी जारी रहा धरना
हिंदुस्तान जिंक के खिलाफ संघर्ष समिति का धरना आज छठे दिन भी जारी रहा। सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष धरना स्थल पर डटे रहे। लोगों का आरोप है कि जिंक के अपशिष्ट से जमीन-बानी जहरीली हो रही है, भूजल खराब हो रहा है।
मौके पर पहुंचे सहकारिता मंत्री गौतम दक
दोपहर में सहकारिता व उड्डयन मंत्री गौतम दक धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरनार्थियों से बात की और *6 दिन का समय मांगा*। मंत्री ने कहा – “आपकी मांग जायज है। मुझे 6 दिन दीजिए। सातवें दिन बड़ीसादड़ी की जनता जो कहेगी, वो मैं करूंगा।”
आश्वासन माना, पर धरना जारी
मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने बंद तो वापस ले लिया, लेकिन स्पष्ट किया कि धरना सात दिन तक यथावत जारी रहेगा। संघर्ष समिति का कहना है कि जब तक जिंक प्रबंधन से लिखित में समाधान नहीं मिलता, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
क्या है मांग:
1. हिंदुस्तान जिंक का जहरीला अपशिष्ट बड़ीसादड़ी क्षेत्र में डालना बंद हो।
2. पहले से डाले गए अपशिष्ट को हटाया जाए।
3.प्रभावित किसानों को मुआवजा मिले।
4.भूजल-जमीन की जांच स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए।
देखने वाली बात यह होगी कि आखिरकार कौन है..? वो जो हिंदुस्तान जिंक के अपशिष्ट को बड़ीसादड़ी की आबो हवा में डालकर यहां की मिट्टी, प्रकृति और पर्यावरण के दुश्मन बनकर नुकसान पहुंचाने पर आमादा बैठे है।
रिपोर्ट: नरेंद्र सेठिया




