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4 साल से रिजल्ट का इंतजार, GNM 2022-23 छात्राओं का फूटा गुस्सा, नर्सिंग काउंसिल के बाहर हल्लाबोल, बोले- ‘करियर बर्बाद हो गया’

2022-23 बैच की छात्राओं का आरोप: 'कोर्ट-मान्यता के चक्कर में हजारों का भविष्य दांव पर', छात्रवृत्ति भी 5 साल से अटकी

4 साल से रिजल्ट का इंतजार, GNM 2022-23 छात्राओं का फूटा गुस्सा, नर्सिंग काउंसिल के बाहर हल्लाबोल, बोले- ‘करियर बर्बाद हो गया’

2022-23 बैच की छात्राओं का आरोप: ‘कोर्ट-मान्यता के चक्कर में हजारों का भविष्य दांव पर’, छात्रवृत्ति भी 5 साल से अटकी

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले नर्सिंग छात्रों का भविष्य ही अधर में लटक गया है। वर्ष 2022-23 बैच के जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी GNM के हजारों छात्र-छात्राओं का पहला साल का रिजल्ट 4 साल बाद भी घोषित नहीं हुआ। शुक्रवार को गुस्साए छात्रों ने NSUI के बैनर तले मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल कार्यालय, भोपाल का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।

3 साल का कोर्स, 4 साल में फर्स्ट ईयर भी क्लियर नहीं’
प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि GNM डिप्लोमा 3 साल का है, लेकिन 2022-23 बैच का एक साल बिना रिजल्ट के ही बीत चुका है। रिजल्ट न आने से वे दूसरे साल में प्रवेश नहीं ले पा रहे। न एग्जाम, न रिजल्ट, न छात्रवृत्ति। करियर शुरू होने से पहले ही चौपट हो गया।

मान्यता विवाद की सजा भुगत रहे छात्र
छात्रों का आरोप है कि फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने के मामले कोर्ट में लंबित हैं। लेकिन उसकी सजा निर्दोष छात्रों को मिल रही है। एक छात्रा ने कहा, “गलती कॉलेजों और काउंसिल की, भुगत हम रहे हैं। अगर गड़बड़ी है तो सुधारो, हमारी पढ़ाई क्यों रोक रहे हो?”

5 साल से छात्रवृत्ति नहीं, NOC भी अटकी
SC, ST, OBC वर्ग के छात्रों ने बताया कि 5 साल से छात्रवृत्ति नहीं मिली। कमजोर परिवारों के बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। रजिस्ट्रेशन और अनापत्ति प्रमाण पत्र NOC भी समय पर नहीं मिल रहे, जिससे नौकरी और उच्च शिक्षा में अड़चन आ रही है।

सतना से आए छात्र प्रमोद साहू ने कहा, “दो साल का पाठ्यक्रम 6 साल में पहुंच गया। न परीक्षा, न रिजल्ट, न छात्रवृत्ति। मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहे हैं।”

छात्रों की 5 बड़ी मांगें:
GNM 2022-23 बैच का लंबित प्रथम वर्ष का परिणाम तुरंत घोषित हो। GNM और ANM की सभी लंबित परीक्षाओं की तारीख जारी हो। सभी पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और NOC तुरंत दी जाए। प्रदेश के सभी नर्सिंग कॉलेजों में पारदर्शिता लाई जाए। फर्जी कॉलेजों पर कार्रवाई हो, पर छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो।

छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान काउंसिल के अधिकारियों ने ज्ञापन लेकर 15 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

कोर्ट का बहाना कब तक?

छात्रों ने सवाल उठाया कि हर बार ‘मामला कोर्ट में है’ कहकर टाल दिया जाता है। अगर मान्यता में गड़बड़ी है तो सरकार ठीक करे, छात्र क्यों भुगतें? शिवास्त्र न्यूज इस मुद्दे को लगातार उठाएगा।

 

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