सांवलिया सेठ के दर्शन को निकले श्रद्धालुओं पर टूटा कहर, बिना परमिट दौड़ रही बस पलटी – 1 की मौत, 30 घायल, छत पर बैठे यात्री हाईवे पर गिरे
ड्राइवर बहुत तेज बस चला रहा था, सांवरिया सेठ जाते समय बस हादसा

सांवलिया सेठ के दर्शन को निकले श्रद्धालुओं पर टूटा कहर, बिना परमिट दौड़ रही बस पलटी – 1 की मौत, 30 घायल, छत पर बैठे यात्री हाईवे पर गिरे
चित्तौड़गढ़, राजस्थान। प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठजी के दर्शन की आस लेकर निकले श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलवार सुबह मातम में बदल गई। चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर बागुंड के पास ‘राजनंदिनी’ नाम की प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बारां के 32 वर्षीय रघुवीर मीणा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए।

कैसे हुआ हादसा: सर्विस रोड से सीधे हाईवे पर चढ़ी बस
भादसोड़ा थानाधिकारी महेंद्र सिंह गुर्जर के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे बस चित्तौड़गढ़ से सांवलियाजी जा रही थी। बागुंड के पास सर्विस रोड पर चल रही बस को ड्राइवर ने अचानक तेज रफ्तार में मुख्य हाईवे की तरफ मोड़ दिया। आगे रास्ता बंद होने से बस डिवाइडर, बिजली के पोल और रेलिंग को तोड़ते हुए पलट गई।
प्रत्यक्षदर्शी जीतू कजोड़ ने बताया, “ड्राइवर बहुत तेज बस चला रहा था। प्राकृतिक केंद्र के आगे सर्विस लेन से अचानक हाईवे पर मोड़ा और बस बेकाबू होकर पलट गई।”
छत पर बैठे 25 श्रद्धालु हाईवे पर गिरे, बड़ा हादसा टला
टक्कर इतनी भीषण थी कि बस की छत पर बैठे करीब 20-25 यात्री उछलकर सीधे नेशनल हाईवे की पक्की सड़क पर जा गिरे। गनीमत रही कि उस वक्त पीछे से कोई तेज रफ्तार वाहन नहीं आया, वरना जनहानि और बढ़ सकती थी। हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई।

जयपुर से UP तक के यात्री थे सवार
मृतक रघुवीर मीणा छबड़ा, बारां का निवासी था। घायलों में 7 साल के प्रिंस समेत जयपुर, कोटा, जोधपुर, सवाई माधोपुर, बारां, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हाथरस के श्रद्धालु शामिल हैं। सभी चित्तौड़गढ़ पहुंचकर सांवलियाजी दर्शन के लिए इसी बस में सवार हुए थे। घायलों को सांवलियाजी मंडफिया उप स्वास्थ्य केंद्र व चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिवहन विभाग की नाक के नीचे दौड़ रही थी ‘अवैध’ बस
पुलिस की प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। हादसे का शिकार हुई ‘राजनंदिनी’ बस के पास सांवलियाजी रूट का कोई वैध परमिट ही नहीं था। सूत्रों के अनुसार, यह बस लंबे समय से परिवहन विभाग की मिलीभगत से चित्तौड़गढ़-सांवलियाजी के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही थी। बस में क्षमता से अधिक सवारियां भरी थीं और नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को छत पर भी बिठाया गया था।
क्रेन से हटाई बस, ड्राइवर पर केस दर्ज
हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। भादसोड़ा पुलिस ने क्रेन मंगवाकर दुर्घटनाग्रस्त बस को हाईवे से हटवाया और क्षतिग्रस्त पोल-रेलिंग को साइड कर यातायात सुचारू कराया। पुलिस ने बस ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने व गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नायब तहसीलदार शिवशंकर पारीक ने मंडफिया अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
प्रमुख घायलों की सूची:
विजय बुनकर, प्रिंस (7), सुरेंद्र बुनकर – सामोद, जयपुर। सूरज – कोटा। अर्जुन मीणा, लखन बाग, पवन सेन, पवन नागर – नपनिया, बारां। जीतू मीणा – दीगोद, कोटा। कुबेर सिंह – जयपुर। गिरिराज – बामनवास, सवाई माधोपुर। अक्षर जाट – फरीदाबाद, हरियाणा। अमित राजपूत– हाथरस, उत्तर प्रदेश।



