
90 साल की बुआ को गोद में उठाकर पहुंची बेटियां, रात 8:30 बजे नोटिस-सुबह 10 बजे पेशी, कलेक्टर ने SDM-थानेदार को लताड़ा और बुजुर्गों की पेंशन शुरू करवाई
चित्तौड़गढ़, राजस्थान। जिले में मानवता और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश करते हुए जिला कलेक्टर डॉ. मंजू चौधरी ने सावा गांव निवासी 90 वर्षीय बुजुर्ग भंवरी बाई और उनकी भाभी चंदा देवी को न सिर्फ गलत पाबंदी से राहत दिलाई, बल्कि उनकी बुढ़ापा पेंशन भी तुरंत शुरू करवाई। इतना ही नहीं, भीषण गर्मी में परेशान महिलाओं को कलेक्टर ने सरकारी गाड़ी से गांव सावा तक सुरक्षित घर पहुंचाने का आदेश दिया।

क्या है पूरा मामला:
शंभूपुरा थाना पुलिस ने सरोज के खिलाफ BNSS की धारा 132 में 6 माह पाबंद करने का इस्तगासा SDM कोर्ट में पेश किया था। सरोज को पेशी का नोटिस 28 मई की रात 9:30 बजे तामील कराया गया और 29 मई सुबह 10 बजे हाजिर होने को कहा गया।
बुजुर्ग बुआ को गोद में उठाकर पहुंचीं कलेक्टर के पास
रातों-रात नोटिस मिलने से हलकान सरोज, 90 साल की लाचार बुआ भंवरी बाई और मां चंदा देवी को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। वकील-जमानती की चिंता और 45 डिग्री गर्मी में बुजुर्गों का बुरा हाल था।

कलेक्टर ने दिखाई मां जैसी ममता
डॉ. मंजू चौधरी ने पूरा मामला सुनते ही तीन त्वरित फैसले लिए:
1. कार्रवाई पर रोक: SDM बीनू देवल और शंभूपुरा थानाधिकारी को फटकार लगाते हुए जमानती नोटिस रद्द करवाया
2. पेंशन तुरंत शुरू: मौके पर ही सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी को बुलाकर भंवरी बाई और चंदा देवी की बुढ़ापा पेंशन की कार्रवाई पूरी करवाई
3. सुरक्षित घर वापसी: भीषण गर्मी को देखते हुए दोनों बुजुर्ग महिलाओं को सरकारी वाहन से उनके गांव सावा तक सुरक्षित पहुंचाने का आदेश दिया
कलेक्टर ने कहा – “प्रशासन का काम कमजोर को डराना नहीं, सहारा देना है। बुजुर्गों को रात में नोटिस देकर कोर्ट में घसीटना अमानवीय है।”
महिलाओं की आंखें हुईं नम
भंवरी बाई ने कलेक्टर का हाथ पकड़कर कहा – “बेटी, तूने तो मां का फर्ज निभा दिया। हम गरीबों की सुध लेने वाला कोई नहीं था।” चंदा देवी बोलीं – “पेंशन भी लगवा दी, गाड़ी से घर भी भिजवाया। ऐसी कलेक्टर हर जिले में होनी चाहिए।”
सवालों के घेरे में सिस्टम
इस मामले ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गौरतलब है कि पीड़ित पक्ष ने 05.01.2025, 19.03.2026 को SP चित्तौड़गढ़ और 23.01.2026 को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत संख्या 012606725468054 दर्ज करा रखी थी, फिर भी पीड़ित पर ही कार्रवाई कर दी गई।




